“खुशी” हमारे जीवन मे बहुत महत्व रखती हैं।
“खुशी” हमारे जीवन मे बहुत महत्व रखती हैं। “खुशी” मन की एक अवस्था है। “खुशी” हमे हर आनन्द, की अनूभूति का अहसास दिलाती है।
थोडे समय के लिए कल्पना करके देखिये, कि अगर “खुशी” ना हो जीवन मे तो जीवन का क्या अर्थ हो ?
शायद अगर जीवन मे “खुशी” ना हो तो एक पल तो जीवन बेकार हो जायेगा। हॉ बिल्कुल सही है। “खुशी” बिना सब व्यर्थ सा प्रतित होता है। लेकिन “खुशी” जी के एक छोटे भाई भी है जिनका नाम हे, ”गम“ हम इन्है भी अनदेखा नही कर सकते है। जितना महत्व खुशी का है उतना ही गम का भी। किसी के भी जीवन में हमेशा ना खुशी रह सकती है न गम, चाहे वह राजा हो या रंक। आप केवल मीठा-ही-मीठा खाते रहें तो ऊब जाएंगे, केवल खट्टा खाएंगे तो भी। इसलिए भोजन में हर प्रकार का स्वाद उसके प्रति हमारा लगाव बनाए रखता है और भोजन प्रिय बना रहता है। जीवन में खुशी और गम भी ऐसे ही हैं।
खुशी देने वाले की ताकत गम देने से कई गुना ज्यादा है क्योंकि खुशी को हर कोई याद रखना चाहता है और गम को हर कोई भुलाना।
